ताज़ा ख़बरें

रेलवे ब्रिज की मुंडेर बनी कौवे कबूतर और पक्षियों की भोजशाला।

खास खबर

रेलवे ब्रिज की मुंडेर बनी कौवे कबूतर और पक्षियों की भोजशाला।

खंडवा । श्राद्ध पक्ष के दौरान हिंदू धर्म में अपने दिवंगत आत्माओं के लिए श्राद्ध और तर्पण कर ब्राह्मण एवं दीन दुखियों को भोजन कराया जाता है,जिससे दिवंगत आत्माओं को मोक्ष एवं शांति की प्राप्ति होती है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में कौवा को भी भोजन कराने की परंपरा है कौवे शहर में देखने को नहीं मिलेंगे लेकिन रेलवे ओवर ब्रिज के आसपास के पेड़ों पर श्राद्ध पक्ष में जरूर पहुंच जाते हैं । श्राद्ध पक्ष में रेलवे ब्रिज की मुंडेर पशु पक्षियों और कौवा के लिए भोजन शाला बन जाती है। अश्वनी कृष्ण पक्ष में पड़वा से लेकर अमावस्या तक 16 दिन श्राद्ध मनाया जाता है सुबह और शाम लोग रेलवे ब्रिज पर जाकर कौवा को और पशु पक्षियों को भोजन कराते हैं। कौवा के साथ ही अन्य पक्षी आकर भोजन ग्रहण करते है ।श्रद्धालु अपने घरों से भोजन बनाकर लाकर रेलवे और ब्रिज की मुंडेर पर रखते हैं कौवे पशु पक्षी आकर भोजन ग्रहण कर जल भी ग्रहण करते हैं ,कौवा को भोजन करते देख श्रद्धालु खुश होते हैं। पशु पक्षियों के इस भोजन में पूरी, सब्जी, हलवा, जलेबी से लेकर श्रद्धालु पोहा,बिस्किट, ब्रेड और अन्य खाद्य सामग्री भोजन हेतु रखी जाती है।
श्राद्ध पक्ष के साथ वर्षभर श्रद्धालु इस स्थान पर पशु पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यवस्था करते हैं। विगत तीन-चार सालों से रेलवे पुल की मुंडेर पर पशु पक्षियों को दाना पानी खिलाया जा रहा है। श्राद्ध पक्ष में कौवा को भोजन करना एक पुण्य कार्य माना गया है जिससे दिवंगत आत्माओं को शांति एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!